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शेयर बाजार में भारी गिरावट सेंसेक्स 852 अंक टूटा निवेशकों में हड़कंप

गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में वैश्विक संकेतों और भारी बिकवाली के दबाव के चलते बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कारोबारी सत्र के अंत में बीएसई सेंसेक्स 852.49 अंकों की गिरावट के साथ 77664.00 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 205.05 अंकों की गिरावट के साथ 24173.05 पर बंद हुआ। बाजार में पूरे दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला और अंततः बिकवाली हावी रही। निवेशकों में बढ़ती अनिश्चितता के चलते बाजार में दबाव बना रहा।

निफ्टी के बड़े लूजर और कुछ मजबूत शेयरों का प्रदर्शन

निफ्टी में आज सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में ट्रेंट, एमएंडएम, श्रीराम फाइनेंस, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और टेक महिंद्रा शामिल रहे। इन शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली जिससे इंडेक्स पर दबाव बढ़ा। दूसरी ओर कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई जिनमें डॉ रेड्डीज लैब्स, सिप्ला, जियो फाइनेंशियल, अदानी एंटरप्राइजेज और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल रहे। हालांकि इन बढ़त वाले शेयरों की मजबूती भी पूरे बाजार को संभाल नहीं सकी और अंततः बाजार लाल निशान में बंद हुआ।

सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला रुख, कई सेक्टर दबाव में

सेक्टोरल स्तर पर बाजार में मिश्रित रुख देखने को मिला। कैपिटल गुड्स सेक्टर में 0.4 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई जबकि हेल्थकेयर इंडेक्स 1.6 प्रतिशत चढ़ा। एनर्जी और मीडिया सेक्टर में भी मामूली बढ़त देखने को मिली। हालांकि दूसरी ओर ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और PSU बैंक सेक्टर में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आईटी, रियल्टी, मेटल और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर भी लगभग 1 प्रतिशत तक कमजोर रहे जिससे बाजार पर कुल मिलाकर दबाव बना रहा।

रुपये में गिरावट और वैश्विक दबाव से बढ़ी चिंता

मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला जहां भारतीय रुपया लगातार कमजोर होता गया। रुपया 33 पैसे की गिरावट के साथ 94.11 प्रति डॉलर पर बंद हुआ और यह लगातार चौथे सत्र में गिरावट दर्ज कर चुका है। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूत मांग, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है। इस गिरावट के साथ रुपया पिछले कुछ सत्रों में लगभग 1.3 प्रतिशत तक कमजोर हो चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक अनिश्चितता और पूंजी निकासी का असर आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकता है जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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