शेयर बाजार में भारी गिरावट से हड़कंप. सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा

BSE Sensex और Nifty 50 में आज कारोबारी सत्र के दौरान भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और अंत में बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स करीब 516 अंक टूटकर 77,328 के स्तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 150 अंक गिरकर 24,176 के नीचे फिसल गया। दिनभर बाजार में कमजोरी का माहौल बना रहा और निवेशकों में सतर्कता बढ़ी रही। मुख्य वजहों में बैंकिंग सेक्टर में आई भारी बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव शामिल रहे। कारोबारियों का कहना है कि बाजार में फिलहाल अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है जिससे निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं।
SBI के नतीजों के बाद बैंकिंग शेयरों में बड़ी बिकवाली
State Bank of India के तिमाही नतीजों के बाद बाजार में सबसे ज्यादा असर बैंकिंग सेक्टर पर पड़ा। निवेशकों ने नतीजों के बाद जमकर मुनाफावसूली की जिससे SBI का शेयर करीब 6 प्रतिशत तक गिर गया। इस गिरावट का असर पूरे बैंकिंग सेक्टर पर पड़ा और अन्य बड़े बैंक शेयरों जैसे HDFC बैंक, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस में भी कमजोरी देखने को मिली। कोल इंडिया जैसे शेयर भी दबाव में रहे। दूसरी ओर कुछ चुनिंदा शेयरों जैसे एशियन पेंट्स, अपोलो हॉस्पिटल और टाइटन में खरीदारी देखने को मिली जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर की कमजोरी ने पूरे बाजार की दिशा को प्रभावित किया।
वैश्विक तनाव और अमेरिका-ईरान विवाद का असर
बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता तनाव भी रहा। United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक निवेशकों में चिंता बढ़ा दी है। इस वजह से विदेशी बाजारों में भी अस्थिरता देखने को मिली और इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ गया। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रहने से बड़ी घबराहट से बाजार बच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक तनाव और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
मिडकैप और स्मॉलकैप में स्थिरता, निवेशकों की दिलचस्पी बरकरार
मुख्य सूचकांकों में गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अपेक्षाकृत स्थिरता देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में मामूली गिरावट दर्ज हुई जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। इससे यह संकेत मिला कि निवेशक अभी भी मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में भरोसा बनाए हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर वैल्यूएशन और मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों के कारण मिड और स्मॉलकैप सेगमेंट में निवेशकों की रुचि बनी हुई है। हालांकि कुल मिलाकर बाजार में सतर्कता का माहौल है और निवेशक किसी बड़े वैश्विक या घरेलू संकेत का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से बैंकिंग नतीजों और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर निर्भर करेगी।





