अटल पेंशन योजना: कम निवेश में 60,000 रुपये सालाना पेंशन का सुरक्षित विकल्प

अगर आप कम निवेश में बुढ़ापे के लिए सुरक्षित और नियमित आय चाहते हैं, तो सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) एक मजबूत विकल्प साबित हो सकती है। इस योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा देना है। इसमें कम राशि का निवेश करके भविष्य में निश्चित पेंशन सुनिश्चित की जाती है। यही वजह है कि देशभर में यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है और करोड़ों लोग इससे जुड़ चुके हैं।
2015 में शुरू हुई योजना, करोड़ों लोग जुड़े
अटल पेंशन योजना की शुरुआत वर्ष 2015 में भारत सरकार ने की थी। इसका मकसद उन लोगों को सामाजिक सुरक्षा देना है जिनके पास नियमित पेंशन सुविधा नहीं होती। इस योजना के तहत 60 वर्ष की उम्र के बाद हर महीने 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की गारंटीड पेंशन मिलती है। यानी सालाना 12,000 रुपये से लेकर 60,000 रुपये तक की सुनिश्चित आय मिलती है, जिससे बुढ़ापे में आर्थिक निर्भरता कम होती है।
लाखों नए सब्सक्राइबर, आसान पात्रता नियम
इस योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक 9 करोड़ से अधिक लोग इससे जुड़ चुके हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में ही 1.35 करोड़ नए सब्सक्राइबर जुड़े हैं। इसमें शामिल होने के लिए व्यक्ति की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए और उसके पास बैंक या पोस्ट ऑफिस खाता होना जरूरी है। यह योजना मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो आयकर दाता नहीं हैं और असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं।
कितना निवेश और कैसे मिलती है पेंशन
इस योजना में पेंशन राशि आपके निवेश और जॉइनिंग उम्र पर निर्भर करती है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र में योजना से जुड़ता है, तो उसे 60 साल तक हर महीने लगभग 376 रुपये जमा करने होंगे और बदले में 5,000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। इसके अलावा, लाभार्थी की मृत्यु के बाद पेंशन जीवनसाथी को मिलती रहती है और दोनों के निधन के बाद जमा राशि नॉमिनी को दे दी जाती है, जिससे यह योजना और भी सुरक्षित बन जाती है।





