फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस प्रक्रिया आसान हर तिमाही मिलेगा सीधा बैंक भुगतान

केंद्र सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS से जुड़े पेंशनर्स के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। अब फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस यानी FMA पाने की प्रक्रिया को पूरी तरह सरल और ऑटोमैटिक बना दिया गया है। इस बदलाव के बाद पेंशनर्स को अब मेडिकल खर्च के बिल जमा करने या लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। सरकार का यह कदम विशेष रूप से बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जो अब सीधे अपने बैंक खाते में भुगतान प्राप्त कर सकेंगे।
अब सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा मेडिकल अलाउंस
वित्त मंत्रालय के 16 अप्रैल 2026 के ऑफिस मेमोरेंडम के अनुसार पात्र NPS पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को FMA का भुगतान अब पूरी तरह ऑटोमैटिक तरीके से किया जाएगा। यह राशि पेंशन देने वाले बैंक अपने सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर यानी CPPC के माध्यम से सीधे खातों में ट्रांसफर करेंगे। इस नई व्यवस्था के तहत किसी भी प्रकार का क्लेम फाइल करने या दस्तावेज जमा करने की जरूरत समाप्त कर दी गई है, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बन गई है।
हर तिमाही मिलेगा भुगतान, CPAO करेगा पात्रता की जांच
नई व्यवस्था के तहत सेंट्रल पेंशन अकाउंटिंग ऑफिस यानी CPAO पहले पेंशनर की पात्रता की जांच करेगा। इसके बाद बैंक को स्पेशल सील अथॉरिटी यानी SSA जारी की जाएगी। SSA मिलने के बाद संबंधित बैंक का CPPC हर तीन महीने में तय दर के अनुसार FMA की राशि सीधे पेंशनर के खाते में ट्रांसफर करेगा। इस प्रणाली से पेंशनर्स को नियमित अंतराल पर बिना किसी देरी के भुगतान मिलता रहेगा और वित्तीय सुरक्षा और मजबूत होगी।
लाइफ सर्टिफिकेट अनिवार्य, परिवार और विकल्पों की भी व्यवस्था
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस सुविधा का लाभ जारी रखने के लिए पेंशनर्स को हर साल नवंबर में लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य होगा, जिसे डिजिटल या फिजिकल दोनों तरीकों से दिया जा सकता है। यदि कोई पेंशनर समय पर यह सर्टिफिकेट जमा नहीं करता है तो दिसंबर से उसका भुगतान रोक दिया जाएगा। इसके अलावा पेंशनर्स के पास CGHS यानी केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना की ओपीडी सुविधा चुनने का विकल्प भी होगा। पेंशनर की मृत्यु के बाद यह लाभ पात्र परिवार सदस्य को भी जारी रहेगा, जिससे परिवार को आर्थिक सहारा मिलता रहेगा।





