शेयर बाजार में भारी गिरावट सेंसेक्स 982 अंक टूटा निवेशकों में हड़कंप

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव लगातार बना रहा। बीएसई सेंसेक्स 982.29 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 76,681.29 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 275.10 अंक गिरकर 23,897.95 पर आ गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और आईटी सेक्टर में भारी गिरावट ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया।
आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव, लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में
बाजार में गिरावट का सबसे ज्यादा असर आईटी सेक्टर पर देखने को मिला, जहां कमजोर तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा डगमगा दिया। इसके अलावा लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली का दबाव रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार को प्रभावित किया है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) एक बार फिर नेट सेलर बन गए हैं, जिससे बाजार में नकारात्मक माहौल और गहरा गया है।
रुपया लगातार कमजोर, पांचवें दिन गिरावट के साथ 94.23 पर बंद
विदेशी मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला, जहां रुपया लगातार पांचवें दिन कमजोर हुआ। शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे गिरकर 94.23 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपया 94.18 के उच्च और 94.31 के निम्न स्तर तक गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और डॉलर की मजबूती ने रुपये पर अतिरिक्त दबाव बनाया। वहीं पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे मुद्रा बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ा बाजार पर दबाव
वैश्विक तेल बाजार में भी तेजी का रुख देखा गया, जिसने भारतीय बाजारों पर अतिरिक्त दबाव डाला। ब्रेंट क्रूड की कीमतें एक समय 107 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई थीं और बाद में 100 डॉलर के आसपास स्थिर रहीं। अमेरिकी क्रूड भी बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की ऊंची कीमतें न केवल महंगाई बढ़ा सकती हैं, बल्कि भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था पर भी सीधा असर डालती हैं। कुल मिलाकर वैश्विक अनिश्चितताओं, एफआईआई की बिकवाली और तेल की बढ़ती कीमतों ने मिलकर बाजार को कमजोर कर दिया है।





