SBI Q4 रिजल्ट के बाद शेयर क्रैश. डिविडेंड भी नहीं बचा सका निवेशकों का भरोसा

State Bank of India ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें बैंक का शुद्ध लाभ साल-दर-साल 5.6 प्रतिशत बढ़कर 19,684 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 18,642 करोड़ रुपये था। हालांकि मुनाफे में बढ़ोतरी के बावजूद बाजार की उम्मीदें पूरी न होने के कारण बैंक के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। स्टॉक लगभग 7 प्रतिशत टूटकर कारोबार करता नजर आया, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत प्रॉफिट के बावजूद कमजोर अनुमान और तिमाही आधार पर गिरावट ने सेंटीमेंट को प्रभावित किया।
उम्मीद से कमजोर नतीजे बने गिरावट की बड़ी वजह
SBI के शेयरों में गिरावट का मुख्य कारण नतीजों का बाजार अनुमान से कमजोर रहना बताया जा रहा है। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर बैंक के मुनाफे में 6.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है, क्योंकि पिछली तिमाही में लाभ 21,028 करोड़ रुपये था। इसके अलावा नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 44,380 करोड़ रुपये रही, जो अनुमान से कम थी। हालांकि प्रोविजन में भारी गिरावट और एसेट क्वालिटी में सुधार ने कुल मुनाफे को सहारा दिया, लेकिन यह निवेशकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। इसी वजह से बाजार में बिकवाली बढ़ी और शेयर दबाव में आ गया।
डिविडेंड की घोषणा के बावजूद निवेशकों में निराशा
बैंक ने अपने निवेशकों के लिए प्रति शेयर 17.35 रुपये का डिविडेंड घोषित किया है, जो कुल 1,735 प्रतिशत के बराबर है। रिकॉर्ड डेट 16 मई 2026 और भुगतान की तारीख 4 जून 2026 तय की गई है। आमतौर पर इतना बड़ा डिविडेंड निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है, लेकिन इस बार बाजार ने इसे नजरअंदाज कर दिया। निवेशकों की नजर मुख्य रूप से कमजोर गाइडेंस और अनुमान से कम नतीजों पर रही। इसी वजह से डिविडेंड की घोषणा भी शेयर में गिरावट को रोक नहीं सकी।
एसेट क्वालिटी में सुधार लेकिन बाजार का भरोसा कमजोर
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक ने सुधार दर्ज किया है। ग्रॉस एनपीए घटकर 1.49 प्रतिशत पर आ गया है, जबकि नेट एनपीए स्थिर रहा है। प्रोविजन में भी गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले साल की तुलना में काफी कम रही। इसके बावजूद बाजार का रुख नकारात्मक रहा क्योंकि निवेशक मजबूत ग्रोथ की उम्मीद कर रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक के फंडामेंटल मजबूत हैं लेकिन अल्पकालिक दबाव के चलते शेयर में गिरावट आई है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा बैंक की अगली रणनीति और आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगी।





