बिटकॉइन 80,000 डॉलर के करीब, क्या अब आएगा सबसे बड़ा क्रिप्टो धमाका

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में एक बार फिर जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी Bitcoin तेजी के साथ अपने ऐतिहासिक स्तर की ओर बढ़ रही है। सोमवार को इसकी कीमत 80,000 डॉलर के करीब पहुंच गई, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। अप्रैल महीने में ही बिटकॉइन करीब 16 फीसदी चढ़ चुका है, जो पिछले कई महीनों की तुलना में मजबूत प्रदर्शन है। वहीं Ethereum में भी हल्की तेजी दर्ज की गई है। बाजार में यह उछाल निवेशकों के भरोसे को मजबूत करता दिख रहा है, लेकिन इसके पीछे कई बड़े वैश्विक कारण भी छिपे हुए हैं।
वैश्विक तनाव और तेल बाजार का असर
इस तेजी की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हालात हैं। खासतौर पर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। Iran और United States के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्प तलाशने पर मजबूर किया है। जब भी वैश्विक संकट बढ़ता है, निवेशक पारंपरिक बाजारों से हटकर क्रिप्टो जैसी संपत्तियों की ओर रुख करते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति ने भी बाजार में अस्थिरता पैदा की है। यही कारण है कि बिटकॉइन को इस समय सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जा रहा है।
बड़े निवेशकों की एंट्री से बाजार में मजबूती
इस रैली को मजबूती देने में बड़े संस्थागत निवेशकों की अहम भूमिका है। खासकर Strategy जैसी कंपनियों ने अरबों डॉलर का निवेश कर बाजार में भरोसा बढ़ाया है। रिपोर्ट के अनुसार इस महीने ही कंपनी ने लगभग 3.9 बिलियन डॉलर के बिटकॉइन खरीदे हैं। इससे बाजार में सप्लाई कम हुई है और कीमतों को ऊपर जाने में मदद मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी अचानक नहीं आई बल्कि एक संतुलित और योजनाबद्ध रिकवरी का परिणाम है। संस्थागत निवेशकों की वापसी ने बाजार को स्थिरता और मजबूती दी है।
क्या 80,000 डॉलर पार करेगा बिटकॉइन? निवेशकों के लिए रणनीति
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बिटकॉइन 80,000 डॉलर का स्तर पार कर पाएगा। तकनीकी रूप से बाजार अभी मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक 75,000 डॉलर का स्तर मजबूत सपोर्ट है और अगर 80,000 डॉलर पार होता है तो कीमत 85,000 डॉलर तक जा सकती है। हालांकि जोखिम भी बना हुआ है और मुनाफावसूली के चलते गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचें और धीरे धीरे निवेश बढ़ाएं। बाजार की अस्थिरता को देखते हुए संतुलित रणनीति अपनाना ही सबसे सुरक्षित रास्ता माना जा रहा है।





