म्यूचुअल फंड निवेश नियमों में बड़ा बदलाव पोर्टफोलियो पर पड़ेगा सीधा असर

म्यूचुअल फंड आज के समय में निवेश का एक लोकप्रिय माध्यम बन चुका है, जहां निवेशकों को लगभग 12 से 14 प्रतिशत तक का रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। हालांकि यह रिटर्न बाजार की स्थिति के अनुसार कम या ज्यादा हो सकता है। निवेशकों के बीच इसकी लोकप्रियता इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि इसमें अपनी जोखिम क्षमता और लक्ष्य के अनुसार अलग-अलग फंड में निवेश करने की सुविधा मिलती है। यही कारण है कि हर वर्ग का निवेशक म्यूचुअल फंड की ओर आकर्षित हो रहा है।
सॉल्यूशन ओरिएंटेड स्कीम होगी बंद, लाइफ साइकिल फंड की शुरुआत
अगले महीने से म्यूचुअल फंड से जुड़े कई बड़े नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं, जिसका सीधा असर निवेशकों के पोर्टफोलियो पर पड़ सकता है। सेबी ने सॉल्यूशन ओरिएंटेड स्कीम को बंद करने का निर्णय लिया है। इस श्रेणी में वर्तमान में 41 स्कीम्स शामिल हैं, जिनमें 29 रिटायरमेंट फंड और 12 चिल्ड्रन फंड शामिल हैं, जिनका कुल एयूएम लगभग 57,274 करोड़ रुपये है। अब इन सभी स्कीम्स को लाइफ साइकिल फंड में बदल दिया जाएगा, जो निवेश को एक संरचित तरीके से मैनेज करेगा।
लाइफ साइकिल फंड में बदलता रहेगा निवेश का पैटर्न
नए लाइफ साइकिल फंड की खासियत यह होगी कि शुरुआत में इसमें इक्विटी का हिस्सा अधिक रहेगा, जिससे निवेशकों को ग्रोथ का बेहतर अवसर मिलेगा। जैसे-जैसे फंड मैच्योरिटी की ओर बढ़ेगा, वैसे-वैसे इसमें डेट फंड की हिस्सेदारी बढ़ती जाएगी, जिससे जोखिम कम होता जाएगा। यह संरचना निवेशकों के दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, ताकि रिटायरमेंट और बच्चों की शिक्षा जैसे लक्ष्यों के लिए बेहतर योजना बनाई जा सके।
FOF और निवेश नियमों में भी बदलाव, 6 महीने में लागू होंगे नए नियम
फंड ऑफ फंड्स (FOF) में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत अब इन फंड्स को कम से कम 95 प्रतिशत निवेश अंडरलाइंग फंड्स में करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा स्कीम का नाम उसकी कैटेगरी के अनुरूप रखना भी जरूरी कर दिया गया है। सेबी के अनुसार ये सभी नियम अगले 6 महीनों में लागू हो जाएंगे। वहीं सॉल्यूशन ओरिएंटेड स्कीम में निवेश करने वाले लोगों का पैसा अब सामान्य स्कीम्स में ट्रांसफर किया जाएगा, जिससे उनके निवेश की संरचना में बदलाव देखने को मिलेगा।





