वेदांता शेयर में बड़ा मोड़ डिमर्जर से पहले आज आखिरी खरीद का मौका

अनिल अग्रवाल की माइनिंग कंपनी वेदांता का शेयर बुधवार 29 अप्रैल को बाजार में खास चर्चा में रहेगा। इसकी सबसे बड़ी वजह कंपनी का चल रहा डिमर्जर प्लान है जो अब अपने निर्णायक चरण के करीब पहुंच चुका है। 1 मई को रिकॉर्ड डेट तय की गई है जो बाजार में छुट्टी का दिन होने के कारण और भी महत्वपूर्ण बन जाती है। इसी वजह से निवेशकों के पास आज यानी 29 अप्रैल का दिन आखिरी मौका माना जा रहा है यदि वे डिमर्जर का लाभ लेना चाहते हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यह घटना शेयर की ट्रेडिंग गतिविधियों पर बड़ा असर डाल सकती है।
आज खरीदारी का अंतिम दिन T+1 सेटलमेंट से तय हुई समय सीमा
वेदांता शेयर में डिमर्जर का लाभ पाने के लिए निवेशकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके डीमैट अकाउंट में शेयर आज बाजार बंद होने तक क्रेडिट हो जाए। इसका कारण T+1 सेटलमेंट साइकिल है जिसके तहत शेयर की डिलीवरी अगले कार्य दिवस पर पूरी होती है। चूंकि 1 मई रिकॉर्ड डेट है और यह अवकाश का दिन है इसलिए गुरुवार 30 अप्रैल से स्टॉक एक्स डिमर्जर के रूप में ट्रेड करेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि जो निवेशक 30 अप्रैल या उसके बाद शेयर खरीदेंगे वे डिमर्जर लाभ के लिए पात्र नहीं होंगे। यही वजह है कि आज का दिन निवेशकों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
डिमर्जर के तहत निवेशकों को मिलेंगे चार नई कंपनियों के शेयर
वेदांता के डिमर्जर प्लान के तहत मौजूदा शेयरधारकों को कंपनी की अलग अलग यूनिट्स में हिस्सेदारी दी जाएगी। हर एक वेदांता शेयर के बदले निवेशकों को चार नई कंपनियों के शेयर मिलेंगे जिनमें वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड तलवंडी साबो पावर लिमिटेड जिसका नाम बदलकर वेदांता पावर लिमिटेड होगा माल्को एनर्जी लिमिटेड जिसका नाम वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड होगा और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड शामिल हैं। यह डिमर्जर कंपनी के बिजनेस को अलग अलग सेक्टर में बांटकर वैल्यू अनलॉक करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिससे भविष्य में शेयरधारकों को अलग अलग कंपनियों से संभावित लाभ मिल सकता है।
तिमाही नतीजों पर भी नजर कमोडिटी कीमतों से मिल सकता है सपोर्ट
डिमर्जर के अलावा वेदांता के शेयर में आज एक और बड़ा ट्रिगर कंपनी के जनवरी से मार्च तिमाही के नतीजे भी हैं। बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी इस तिमाही में कैसा प्रदर्शन करती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी एल्युमीनियम और जिंक जैसी कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी का फायदा कंपनी को मिल सकता है जिससे मजबूत नतीजे आने की उम्मीद है। कंपनी के कुल EBIT का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा हिंदुस्तान जिंक से आता है जिसने पहले ही अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं और उसका असर पहले से ही शेयर कीमत में शामिल माना जा रहा है। ऐसे में निवेशकों के लिए आज का दिन न केवल डिमर्जर बल्कि तिमाही नतीजों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बना हुआ है।





