अडानी पोर्ट्स का रिकॉर्ड मुनाफा क्या कंपनी ने रच दिया ग्रोथ का नया इतिहास

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन ने मार्च तिमाही (Q4FY26) में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 10 प्रतिशत बढ़कर 3,329 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल 3,014 करोड़ रुपये था। वहीं रेवेन्यू में भी 26 प्रतिशत की बड़ी छलांग देखी गई और यह 10,737 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस मजबूत प्रदर्शन ने कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता और विस्तार रणनीति को स्पष्ट रूप से दर्शाया है।
पूरे वित्त वर्ष में भी कंपनी ने दिखाई दमदार कमाई
पूरे वित्त वर्ष FY26 में भी कंपनी का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा। अडानी पोर्ट्स का सालाना मुनाफा 16 प्रतिशत बढ़कर 12,782 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कुल रेवेन्यू 25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 38,736 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी ने 500 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) से अधिक पोर्ट कार्गो हैंडल किया, जो भारतीय लॉजिस्टिक्स सेक्टर में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। यह आंकड़ा कंपनी की बढ़ती क्षमता और बाजार में मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
लॉजिस्टिक्स और मरीन बिजनेस ने दिया ग्रोथ को बड़ा सहारा
कंपनी के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट्स ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। लॉजिस्टिक्स सेगमेंट में 55 प्रतिशत की तेज ग्रोथ दर्ज की गई, जिसमें ट्रकिंग और इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क का बड़ा योगदान रहा। वहीं मरीन बिजनेस में 134 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़त देखने को मिली, जो नए जहाजों और ऑपरेशन विस्तार के कारण संभव हुई। इसके अलावा इंटरनेशनल पोर्ट्स रेवेन्यू में 34 प्रतिशत और डोमेस्टिक पोर्ट्स में 13 प्रतिशत की स्थिर ग्रोथ दर्ज की गई।
डिविडेंड, भविष्य की योजना और शेयरों में तेजी
कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए 7.50 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 12 जून तय की गई है। कंपनी के CEO अश्विनी गुप्ता ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद प्रदर्शन मजबूत रहा है और कंपनी 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो हैंडल करने का लक्ष्य रखती है। वहीं FY31 तक रेवेन्यू और EBITDA को दोगुना करने की योजना है। नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी देखी गई और यह करीब 1675 रुपये पर बंद हुआ।





