कोटक महिंद्रा बैंक ने मुनाफे में जबरदस्त छलांग लगाई निवेशकों में खुशी

कोटक महिंद्रा बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं और इन आंकड़ों ने बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया है। बैंक का प्रदर्शन इस बार निवेशकों के लिए राहत और उत्साह दोनों लेकर आया है। मजबूत लोन ग्रोथ और बेहतर एसेट मैनेजमेंट की वजह से बैंक की कमाई में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रदर्शन बैंक की स्थिर रणनीति और जोखिम प्रबंधन का परिणाम है।
मुनाफे और आय में शानदार बढ़ोतरी
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार बैंक का शुद्ध लाभ यानी नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13.4 प्रतिशत बढ़कर ₹4026.55 करोड़ पहुंच गया है। यह आंकड़ा ब्लूमबर्ग के अनुमान ₹3663 करोड़ से काफी अधिक है। बैंक की मुख्य आय नेट इंटरेस्ट इनकम भी 8.1 प्रतिशत बढ़कर ₹7876 करोड़ पर पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष इसी तिमाही में ₹7284 करोड़ थी। यह बढ़ोतरी बैंक की मजबूत ऋण वितरण क्षमता और ब्याज आय प्रबंधन को दर्शाती है।
निवेशकों को मिला डिविडेंड का तोहफा
बेहतर नतीजों के बाद बैंक के बोर्ड ने निवेशकों को डिविडेंड देने का भी फैसला किया है। कोटक महिंद्रा बैंक ने ₹0.65 प्रति इक्विटी शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है। यह घोषणा उन शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है जो लंबे समय से बैंक के प्रदर्शन पर भरोसा जताते आ रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम निवेशकों के विश्वास को और मजबूत करेगा और बैंक के शेयरों में स्थिरता लाने में मदद करेगा।
एसेट क्वालिटी और अन्य वित्तीय संकेतकों में सुधार
बैंक की सबसे बड़ी उपलब्धि इस तिमाही में उसकी एसेट क्वालिटी में सुधार रही है। ग्रॉस एनपीए घटकर 1.20 प्रतिशत हो गया है जो पिछली तिमाही में 1.30 प्रतिशत था। नेट एनपीए भी 0.31 प्रतिशत से घटकर 0.25 प्रतिशत पर आ गया है। प्रोविजन्स में 36 प्रतिशत की बड़ी कमी दर्ज की गई है जो अब ₹516 करोड़ है। इसके अलावा ऑपरेटिंग प्रॉफिट 7 प्रतिशत बढ़कर ₹5855 करोड़ रहा और ब्याज आय में भी वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि अन्य आय में हल्की गिरावट देखने को मिली है लेकिन कुल मिलाकर बैंक का प्रदर्शन मजबूत माना जा रहा है।





