बिज़नेस

म्यूचुअल फंड में रिटर्न का खेल समझें Absolute CAGR और XIRR का पूरा सच

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय अधिकतर लोग सिर्फ रिटर्न देखकर फैसला लेते हैं लेकिन हर रिटर्न एक जैसा नहीं होता। कहीं एब्सोल्यूट रिटर्न दिखता है तो कहीं CAGR और कई जगह XIRR लिखा होता है जिससे नए निवेशक अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। असल में ये तीनों अलग अलग तरीके से आपके निवेश की कमाई को मापते हैं और हर एक का उपयोग अलग स्थिति में होता है। अगर आप सही तरीके से रिटर्न को समझ लेते हैं तो निवेश के फैसले ज्यादा मजबूत और समझदारी भरे बन सकते हैं।

एब्सोल्यूट रिटर्न आसान लेकिन अधूरा सच

एब्सोल्यूट रिटर्न निवेश पर हुए कुल मुनाफे या नुकसान को दर्शाता है। इसका मतलब है कि आपने जितना पैसा लगाया और आज उसकी कुल वैल्यू कितनी है उसी आधार पर प्रतिशत निकाला जाता है। जैसे आपने एक लाख रुपए लगाए और वह बढ़कर एक लाख तीस हजार हो गए तो रिटर्न तीस प्रतिशत माना जाएगा। यह तरीका समझने में बहुत आसान है लेकिन इसमें समय का ध्यान नहीं रखा जाता। यानी यह नहीं बताता कि यह रिटर्न एक साल में मिला या पांच साल में इसलिए यह छोटे समय के निवेश के लिए ठीक है लेकिन लंबी अवधि के लिए पूरी तस्वीर नहीं दिखाता।

CAGR देता है असली सालाना ग्रोथ की तस्वीर

CAGR यानी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट आपके निवेश की सालाना औसत वृद्धि को दर्शाता है। इसमें समय और कंपाउंडिंग दोनों शामिल होते हैं जिससे यह ज्यादा सटीक माना जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर एक लाख रुपए पांच साल में दो लाख हो जाए तो एब्सोल्यूट रिटर्न सौ प्रतिशत होगा लेकिन CAGR लगभग पंद्रह प्रतिशत के आसपास रहेगा। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हर साल की वास्तविक ग्रोथ को दिखाता है। खासतौर पर जो लोग एक बार में निवेश करते हैं उनके लिए CAGR सबसे उपयोगी माना जाता है क्योंकि इससे अलग अलग फंड्स की तुलना करना आसान हो जाता है।

XIRR बताता है आपकी असली कमाई खासकर SIP निवेश में

XIRR यानी एक्सटेंडेड इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न खासतौर पर उन निवेशकों के लिए उपयोगी है जो SIP के जरिए अलग अलग समय पर निवेश करते हैं। SIP में हर महीने पैसा अलग समय पर लगता है इसलिए हर निवेश को बढ़ने के लिए अलग समय मिलता है। CAGR ऐसी स्थिति में सही आंकड़ा नहीं दे पाता जबकि XIRR हर तारीख और रकम को ध्यान में रखकर सटीक सालाना रिटर्न निकालता है। यही कारण है कि SIP निवेशकों के लिए XIRR सबसे भरोसेमंद माना जाता है। अगर आपने बीच में पैसा निकाला या अतिरिक्त निवेश किया तब भी XIRR आपकी असली कमाई दिखाता है। इसलिए सही रिटर्न समझकर निवेश करना ही समझदारी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button