शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स निफ्टी की छलांग से निवेशक खुश

सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में मजबूती देखने को मिली और हफ्ते की शुरुआत सकारात्मक रही। BSE Sensex 639.42 अंकों की बढ़त के साथ 77,303.63 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 194.75 अंकों की तेजी के साथ 24,092.70 पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। पिछले हफ्ते के आखिरी तीन सत्रों में आई गिरावट के बाद यह उछाल बाजार के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है। सुबह से ही बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा और दिनभर तेजी कायम रही।
ज्यादातर शेयरों में खरीदारी, निवेशकों का बढ़ा भरोसा
आज के कारोबार में सेंसेक्स की 30 में से 23 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 7 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी 50 की 50 में से 39 कंपनियां हरे निशान में रहीं और 11 कंपनियां लाल निशान में बंद हुईं। यह आंकड़े बताते हैं कि बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों का भरोसा मजबूत होता नजर आया, खासकर तब जब ग्लोबल संकेत सकारात्मक रहे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति स्थिर रहती है, तो आने वाले दिनों में यह तेजी और मजबूत हो सकती है।
सन फार्मा में सबसे ज्यादा उछाल, कई दिग्गज शेयरों में तेजी
आज के कारोबार में Sun Pharmaceutical Industries के शेयरों में सबसे ज्यादा 7.03 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली, जिससे यह टॉप गेनर बनकर उभरा। इसके अलावा Reliance Industries, Adani Ports, NTPC, TCS और Infosys जैसे दिग्गज शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। आईटी, ऊर्जा और बैंकिंग सेक्टर में आई इस तेजी ने बाजार को मजबूती दी। निवेशकों ने इन कंपनियों में जमकर खरीदारी की, जिससे इंडेक्स ऊपर चढ़ता गया।
कुछ शेयरों में गिरावट भी, बाजार में सतर्कता बरकरार
हालांकि बाजार में कुल मिलाकर तेजी रही, लेकिन कुछ शेयरों में गिरावट भी देखने को मिली। Axis Bank के शेयरों में सबसे ज्यादा 2.95 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा ICICI Bank, Hindustan Unilever और Bajaj Finserv के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहकर ही निवेश करना चाहिए। कुल मिलाकर सोमवार का दिन बाजार के लिए राहत और उम्मीद लेकर आया है, लेकिन आगे की दिशा ग्लोबल संकेतों और आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी।





