शेयर बाजार में दिनभर रही सुस्ती, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर बंद

हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में शुरुआत से लेकर अंत तक कमजोरी का माहौल बना रहा। सेंसेक्स 251.61 अंकों की गिरावट के साथ 77,017.79 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 86.50 अंक टूटकर 24,032.80 पर आ गया। दिनभर बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला और निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा। बाजार में आई इस गिरावट ने यह संकेत दिया कि फिलहाल निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है और वे बड़े निवेश से बच रहे हैं।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, निवेशकों की चिंता बढ़ी
शेयर बाजार की कमजोरी के साथ साथ भारतीय रुपया भी दबाव में नजर आया। डॉलर के मुकाबले रुपया 2 पैसे गिरकर 95.25 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। यह गिरावट बताती है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता का असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ रहा है। कमजोर रुपया आयात को महंगा बनाता है और इससे महंगाई का दबाव भी बढ़ सकता है। ऐसे में निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है और वे बाजार के अगले रुख पर नजर बनाए हुए हैं।
अमेरिका ईरान तनाव और वैश्विक संकेतों का असर
वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। वॉल स्ट्रीट के रिकॉर्ड स्तर से नीचे आने के बाद दुनिया भर के बाजारों में मिला जुला रुख देखने को मिला। यूरोप में जहां ब्रिटेन का एफटीएसई100 गिरावट के साथ बंद हुआ वहीं फ्रांस और जर्मनी के बाजारों में हल्की तेजी देखने को मिली। एशियाई बाजारों में छुट्टियों के कारण कारोबार सुस्त रहा और हांगकांग का हैंग सेंग भी गिरावट में रहा। इन सभी संकेतों ने भारतीय बाजार पर भी दबाव बनाया।
तेल कीमतें और ब्याज दरों का दबाव बढ़ा रहा चिंता
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतों में पहले तेजी आई और फिर गिरावट दर्ज की गई। इस उतार चढ़ाव ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दर बढ़ाकर 4.35 प्रतिशत किए जाने से वैश्विक बाजारों में दबाव बढ़ा है। इससे वहां का शेयर बाजार भी गिरावट में रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों का असर आने वाले दिनों में भी बाजार पर पड़ सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।





