Meesho के तगड़े नतीजों के बाद क्यों डर गए बड़े निवेशक और एक्सपर्ट

ई-कॉमर्स सेक्टर की बड़ी कंपनी Meesho ने मार्च 2026 तिमाही के नतीजों से बाजार में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है। कंपनी की कमाई में 47 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी और घाटे में भारी कमी ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया। जैसे ही कंपनी के आंकड़े सामने आए वैसे ही शेयर बाजार में मीशो के स्टॉक ने रफ्तार पकड़ ली और कारोबार के दौरान इसमें 7 प्रतिशत से ज्यादा उछाल देखने को मिला। निवेशकों को लगा कि कंपनी अब तेजी से मुनाफे की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि इस तेजी के बीच कुछ वित्तीय संकेत ऐसे भी सामने आए हैं जिन्होंने बाजार के जानकारों को थोड़ा सतर्क रहने की सलाह देने पर मजबूर कर दिया है। यही वजह है कि शानदार नतीजों के बावजूद निवेशकों के बीच उत्साह और चिंता दोनों का माहौल बना हुआ है।
कमाई बढ़ी लेकिन घाटे की कहानी अभी खत्म नहीं
मार्च 2026 तिमाही में मीशो का ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर 3531 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया। यह पिछले साल की तुलना में करीब 47 प्रतिशत अधिक है। सबसे बड़ा बदलाव कंपनी के नेट लॉस में देखने को मिला जो 1391 करोड़ रुपये से घटकर सिर्फ 166 करोड़ रुपये रह गया। पहली नजर में यह आंकड़ा बेहद राहत देने वाला दिखाई देता है लेकिन इसके पीछे एक दूसरा पहलू भी मौजूद है। पिछले साल कंपनी को एक असाधारण घाटा झेलना पड़ा था जिसके कारण तुलना का आधार अलग हो गया। अगर उस असाधारण नुकसान को अलग कर देखें तो कंपनी का वास्तविक घाटा उतना कम नहीं हुआ जितना दिख रहा है। इतना ही नहीं कंपनी का ऑपरेटिंग लॉस भी बढ़कर 254 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया है। यही कारण है कि बाजार विशेषज्ञ इन आंकड़ों को सिर्फ सतही तौर पर देखने के बजाय गहराई से समझने की सलाह दे रहे हैं।
कैश फ्लो और मार्जिन ने बढ़ाई चिंता
किसी भी तेजी से बढ़ती कंपनी के लिए सिर्फ बिक्री बढ़ना ही काफी नहीं होता बल्कि नकदी प्रवाह और मुनाफे की क्षमता भी मजबूत होना जरूरी है। मीशो के कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन में इस बार सुधार जरूर दिखा और यह 4 प्रतिशत तक पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी अपने कारोबार को ज्यादा कुशल बनाने की कोशिश कर रही है। लेकिन दूसरी तरफ फ्री कैश फ्लो के आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। पिछले 12 महीनों में कंपनी का फ्री कैश फ्लो 633 करोड़ रुपये के घाटे में चला गया जबकि इससे पहले यह फायदे में था। इसका मतलब है कि कंपनी अभी भी अपने विस्तार और संचालन पर भारी खर्च कर रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाले समय में कंपनी लॉजिस्टिक्स और प्रीपेड ऑर्डर सिस्टम को मजबूत कर पाती है तो उसके खर्च कम हो सकते हैं और मुनाफा बेहतर हो सकता है।
शेयर बाजार में उड़ान लेकिन ब्रोकरेज फर्म ने दिया संकेत
मीशो के शेयरों में तेजी के बाद निवेशकों के बीच खरीदारी का माहौल देखने को मिला। कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान 211 रुपये के पार पहुंच गया। लेकिन इसी बीच HSBC की रिपोर्ट ने निवेशकों को थोड़ा संभलकर चलने का संकेत दिया। ब्रोकरेज फर्म ने शेयर पर ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी और टारगेट प्राइस 185 रुपये तय किया जो मौजूदा बाजार भाव से कम है। इसका मतलब यह है कि विशेषज्ञों को अभी भी शेयर में ज्यादा तेजी की संभावना सीमित नजर आ रही है। कंपनी का आईपीओ दिसंबर 2025 में आया था और लिस्टिंग के बाद शेयर ने रिकॉर्ड हाई भी बनाया था। अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या मीशो आने वाले वर्षों में वास्तव में मुनाफे वाली कंपनी बन पाएगी या फिर बाजार की उम्मीदें धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेंगी।





