शेयर बाजार में गिरावट का दबाव, सेंसेक्स-निफ्टी फिसले, IT और फार्मा शेयरों में बिकवाली तेज

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में लगातार दबाव देखने को मिला। वैश्विक तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की धारणा को कमजोर कर दिया। सेंसेक्स सुबह करीब 180 अंकों की गिरावट के साथ 77,484 के स्तर पर खुला, लेकिन कारोबार के दौरान इसमें 500 अंकों तक की बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसी तरह निफ्टी भी 147 अंक गिरकर 24,025 के स्तर पर आ गया, जिससे बाजार में अस्थिरता का माहौल बना रहा।
आईटी और फार्मा सेक्टर में भारी गिरावट
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव Nifty IT और Nifty Pharma इंडेक्स पर देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Infosys करीब 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहा। इसके अलावा HCL Tech, TCS, Sun Pharma और ICICI Bank के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि बैंक निफ्टी में शुरुआती दौर में मामूली 13 अंकों की बढ़त देखने को मिली, जिससे यह संकेत मिला कि कुछ सेक्टरों में हल्की रिकवरी की कोशिश जारी है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार दबाव में ही रहा।
मिड और फूड सेक्टर में हल्की खरीदारी
बाजार में गिरावट के बीच कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली। Mahindra & Mahindra, Larsen & Toubro (L&T), Hindustan Unilever, Indigo और Nestle India जैसे दिग्गज शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। इन कंपनियों के शेयरों में हल्की बढ़त ने बाजार को पूरी तरह गिरने से कुछ हद तक संभालने का काम किया। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़त सीमित दायरे में है और बाजार का रुझान फिलहाल नकारात्मक बना हुआ है।
अमेरिका का एंटी-डंपिंग शुल्क और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर
वैश्विक स्तर पर भी बाजार पर दबाव देखने को मिला है। अमेरिका ने भारत, इंडोनेशिया और लाओस से आने वाले सोलर सेल और पैनल्स पर शुरुआती एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने की घोषणा की है, जिससे निर्यात क्षेत्र पर असर पड़ सकता है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। WTI क्रूड 97 डॉलर से ऊपर और ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर के पार कारोबार कर रहा है। तेल की बढ़ती कीमतें और अंतरराष्ट्रीय व्यापार तनाव मिलकर बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं, जिससे निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।





