शेयर बाजार में आईटी सेक्टर पर बड़ा संकट निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह

हाल के दिनों में शेयर बाजार में लगातार कमजोरी देखने को मिली है, जिसका सबसे बड़ा असर आईटी सेक्टर पर पड़ा है। पहले से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल और मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण आईटी कंपनियां दबाव में थीं, लेकिन चौथी तिमाही के कमजोर नतीजों ने स्थिति और बिगाड़ दी। इसी कारण Wipro, TCS, Infosys और HCL Technologies जैसे दिग्गज शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
निफ्टी आईटी इंडेक्स में 10% की गिरावट
चौथी तिमाही के नतीजों के बाद आईटी कंपनियों के मैनेजमेंट की ओर से भविष्य को लेकर कमजोर संकेत दिए गए, जिससे बाजार में नकारात्मक माहौल बन गया। नतीजा यह हुआ कि निफ्टी आईटी इंडेक्स एक ही हफ्ते में करीब 10 प्रतिशत तक टूट गया। यह गिरावट मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है, जब कोविड-19 संकट के दौरान इंडेक्स में 13.6 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
बाजार से 2.5 लाख करोड़ रुपये साफ
आईटी सेक्टर की इस भारी गिरावट का असर कंपनियों की मार्केट वैल्यू पर भी पड़ा है। आंकड़ों के अनुसार इस दौरान लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू मार्केट से साफ हो गई है। Infosys, TCS, Wipro और HCL Technologies जैसे बड़े शेयरों में लगातार बिकवाली देखी गई, जिससे पूरे सेक्टर का ट्रेंड कमजोर हो गया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी इस गिरावट को और तेज कर दिया है।
आगे भी दबाव में रह सकता है सेक्टर
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आईटी सेक्टर में अभी सुधार के संकेत नहीं दिख रहे हैं और आने वाले कुछ तिमाहियों तक स्थिति कमजोर रह सकती है। उनका कहना है कि कंपनियों के रेवेन्यू ग्रोथ और मैनेजमेंट आउटलुक फिलहाल मजबूत नहीं हैं, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। फिलहाल यह सेक्टर दबाव में बना रह सकता है और बड़े रिटर्न की उम्मीद करना जल्दबाजी हो सकती है।





