ब्रेकिंग न्यूज़

पोस्ट ऑफिस स्कीम से हर महीने 9250 रुपये कैसे कमाएं जानिए पूरा गणित

निवेशक अक्सर ऐसे विकल्प तलाशते हैं जहां उनका पैसा सुरक्षित भी रहे और नियमित आय भी मिलती रहे। पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) इसी जरूरत को पूरा करने वाली एक भरोसेमंद योजना मानी जा रही है। इस स्कीम में एक बार निवेश करने पर पांच साल तक हर महीने तय ब्याज के रूप में आय मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह योजना खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो बिना जोखिम के स्थिर रिटर्न चाहते हैं।

निवेश की सीमा और हर महीने तय रिटर्न का गणित

इस योजना में एकल खाता खोलकर अधिकतम 9 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है, जबकि संयुक्त खाता (ज्वाइंट अकाउंट) में तीन वयस्क मिलकर 15 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं। 15 लाख रुपये के ज्वाइंट निवेश पर लगभग 9,250 रुपये प्रति माह की आय मिलती है, जो सालाना करीब 1.11 लाख रुपये होती है। वहीं 9 लाख रुपये के निवेश पर हर महीने लगभग 5,550 रुपये तक का रिटर्न मिलता है, जो सालाना 66,600 रुपये के करीब बैठता है। यह आय तय ब्याज दर पर आधारित होती है, जिससे निवेशकों को स्थिर कमाई का भरोसा मिलता है।

पांच साल बाद पूरा पैसा वापस, सुरक्षित निवेश का बड़ा फायदा

इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि निवेश अवधि पूरी होने पर यानी पांच साल बाद निवेश की गई पूरी मूल राशि सुरक्षित रूप से वापस मिल जाती है। इस दौरान हर महीने मिलने वाला ब्याज निवेशक के खाते में आता रहता है। अगर निवेशक चाहे तो ब्याज की राशि को पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट या सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कराया जा सकता है। एक साल बाद अकाउंट को समय से पहले बंद करने का विकल्प भी मौजूद है, जिससे निवेशकों को लचीलापन मिलता है।

कम जोखिम में स्थिर आय का भरोसा

हालांकि शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड जैसे विकल्पों में ज्यादा रिटर्न की संभावना होती है, लेकिन उनमें जोखिम भी अधिक होता है। इसके विपरीत पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि इसमें मूलधन की गारंटी होती है। यही वजह है कि कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के बीच यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है। स्थिर मासिक आय और सुरक्षित रिटर्न के कारण यह योजना रिटायर्ड लोगों और नियमित आय चाहने वालों के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button